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क़ुरआन की 104वीं सूरत

सूरह Al-Humazah

मक्की 9 आयतें पारा 30

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَيْلٌۭ لِّكُلِّ هُمَزَةٍۢ لُّمَزَةٍ ﴿١﴾

हर ताना देने वाले चुग़लख़ोर की ख़राबी है

ٱلَّذِى جَمَعَ مَالًۭا وَعَدَّدَهُۥ ﴿٢﴾

जो माल को जमा करता है और गिन गिन कर रखता है

يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخْلَدَهُۥ ﴿٣﴾

वह समझता है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िन्दा बाक़ी रखेगा

كَلَّا ۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِى ٱلْحُطَمَةِ ﴿٤﴾

हरगिज़ नहीं वह तो ज़रूर हुतमा में डाला जाएगा

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْحُطَمَةُ ﴿٥﴾

और तुमको क्या मालूम हतमा क्या है

نَارُ ٱللَّهِ ٱلْمُوقَدَةُ ﴿٦﴾

वह ख़ुदा की भड़काई हुई आग है जो (तलवे से लगी तो) दिलों तक चढ़ जाएगी

ٱلَّتِى تَطَّلِعُ عَلَى ٱلْأَفْـِٔدَةِ ﴿٧﴾

ये लोग आग के लम्बे सुतूनो

إِنَّهَا عَلَيْهِم مُّؤْصَدَةٌۭ ﴿٨﴾

में डाल कर बन्द कर दिए

فِى عَمَدٍۢ مُّمَدَّدَةٍۭ ﴿٩﴾

जाएँगे

Al-Humazah 9 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह Al-Humazah के बारे में

सूरह Al-Humazah (الهمزة) क़ुरआन की 104वीं सूरत है। इसमें 9 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।

इसका नाम, الهمزة, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह Al-Humazah के बारे में प्रश्न

सूरह Al-Humazah में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Humazah में 9 आयतें हैं।

सूरह Al-Humazah मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मक्की।

सूरह Al-Humazah किस पारे में है?

सूरह Al-Humazah पारा 30 में है।

मैं सूरह Al-Humazah कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।

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