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क़ुरआन की 103वीं सूरत

सूरह Al-'Asr

मक्की 3 आयतें पारा 30

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلْعَصْرِ ﴿١﴾

नमाज़े अस्र की क़सम

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَفِى خُسْرٍ ﴿٢﴾

बेशक इन्सान घाटे में है

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلصَّبْرِ ﴿٣﴾

मगर जो लोग ईमान लाए, और अच्छे काम करते रहे और आपस में हक़ का हुक्म और सब्र की वसीयत करते रहे

Al-'Asr 3 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह Al-'Asr के बारे में

सूरह Al-'Asr (العصر) क़ुरआन की 103वीं सूरत है। इसमें 3 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।

इसका नाम, العصر, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह Al-'Asr के बारे में प्रश्न

सूरह Al-'Asr में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-'Asr में 3 आयतें हैं।

सूरह Al-'Asr मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मक्की।

सूरह Al-'Asr किस पारे में है?

सूरह Al-'Asr पारा 30 में है।

मैं सूरह Al-'Asr कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।