إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿١﴾
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी
क़ुरआन की 99वीं सूरत
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿١﴾
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी
وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ﴿٢﴾
और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी
وَقَالَ ٱلْإِنسَٰنُ مَا لَهَا ﴿٣﴾
और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है
يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا ﴿٤﴾
उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ﴿٥﴾
क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा
يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَٰلَهُمْ ﴿٦﴾
उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे
فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ ﴿٧﴾
तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा
وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ ﴿٨﴾
और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा
अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।
सूरह Az-Zalzalah (الزلزلة) क़ुरआन की 99वीं सूरत है। इसमें 8 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मदनी सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत के बाद उतरी।
इसका नाम, الزلزلة, अरबी में इस सूरत की पहचान है।
सूरह Az-Zalzalah में 8 आयतें हैं।
वर्गीकरण: मदनी।
सूरह Az-Zalzalah पारा 30 में है।
इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।