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नमाज़, रोज़ा, हज और इबादत

मुसलमान नमाज़ में मक्का की ओर रुख़ क्यों करते हैं?

संक्षिप्त जवाब

मुसलमान मक्का के काबा की ओर रुख़ करते हैं, जिसे क़िबला कहते हैं, ताकि एक समुदाय के रूप में एक ही दिशा में मिलकर नमाज़ पढ़ें। वे काबा या इमारत की इबादत नहीं करते; वे केवल अल्लाह की इबादत करते हैं।

विस्तृत जवाब

काबा एक अल्लाह की इबादत के लिए बना पहला घर है, जिसे नबी इब्राहीम और उनके बेटे इसमाईल ने बनाया। शुरू में पैग़ंबर ﷺ ने बैतुल-मक़दिस की ओर रुख़ करके नमाज़ पढ़ी, फिर अल्लाह ने उन्हें काबा की ओर मुड़ने का हुक्म दिया। दुनिया में कहीं भी मुसलमान उसी की ओर रुख़ करता है, इसलिए सारे मुसलमान उसके चारों ओर गोल घेरे बनाते हैं।

एक ही दिशा में रुख़ करना हर नस्ल और भाषा के लोगों को जोड़ता है, और सफ़र करने वाले इंसान के लिए दिशा ढूँढने की अपनी भरसक कोशिश करना काफ़ी है। इस वेबसाइट पर एक क़िबला खोजक है जो कंपास से आपके स्थान से दिशा दिखाता है।

क़ुरआन से

قَدْ نَرَىٰ تَقَلُّبَ وَجْهِكَ فِى ٱلسَّمَآءِ ۖ فَلَنُوَلِّيَنَّكَ قِبْلَةًۭ تَرْضَىٰهَا ۚ فَوَلِّ وَجْهَكَ شَطْرَ ٱلْمَسْجِدِ ٱلْحَرَامِ ۚ وَحَيْثُ مَا كُنتُمْ فَوَلُّوا۟ وُجُوهَكُمْ شَطْرَهُۥ ۗ وَإِنَّ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَٰبَ لَيَعْلَمُونَ أَنَّهُ ٱلْحَقُّ مِن رَّبِّهِمْ ۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا يَعْمَلُونَ ﴿١٤٤﴾

ऐ रसूल क़िबला बदलने के वास्ते बेशक तुम्हारा बार बार आसमान की तरफ मुँह करना हम देख रहे हैं तो हम ज़रुर तुम को ऐसे क़िबले की तरफ फेर देगें कि तुम निहाल हो जाओ अच्छा तो नमाज़ ही में तुम मस्ज़िदे मोहतरम काबे की तरफ मुँह कर लो और ऐ मुसलमानों तुम जहाँ कही भी हो उसी की तरफ़ अपना मुँह कर लिया करो और जिन लोगों को किताब तौरेत वगैरह दी गयी है वह बख़ूबी जानते हैं कि ये तबदील क़िबले बहुत बजा व दुरुस्त है और उस के परवरदिगार की तरफ़ से है और जो कुछ वह लोग करते हैं उस से ख़ुदा बेख़बर नही

وَإِذْ يَرْفَعُ إِبْرَٰهِۦمُ ٱلْقَوَاعِدَ مِنَ ٱلْبَيْتِ وَإِسْمَٰعِيلُ رَبَّنَا تَقَبَّلْ مِنَّآ ۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ ﴿١٢٧﴾

और (वह वक्त याद दिलाओ) जब इबराहीम व इसमाईल ख़ानाए काबा की बुनियादें बुलन्द कर रहे थे (और दुआ) माँगते जाते थे कि ऐ हमारे परवरदिगार हमारी (ये ख़िदमत) कुबूल कर बेशक तू ही (दूआ का) सुनने वाला (और उसका) जानने वाला है

إِنَّ أَوَّلَ بَيْتٍۢ وُضِعَ لِلنَّاسِ لَلَّذِى بِبَكَّةَ مُبَارَكًۭا وَهُدًۭى لِّلْعَٰلَمِينَ ﴿٩٦﴾

लोगों (की इबादत) के वास्ते जो घर सबसे पहले बनाया गया वह तो यक़ीनन यही (काबा) है जो मक्के में है बड़ी (खैर व बरकत) वाला और सारे जहॉन के लोगों का रहनुमा

कृपया ध्यान दें

यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

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