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नमाज़, रोज़ा, हज और इबादत

मुसलमान नमाज़ कैसे पढ़ते हैं?

संक्षिप्त जवाब

मुसलमान वुज़ू करता है, मक्का की ओर रुख़ करता है, 'अल्लाहु अकबर' (अल्लाह सबसे बड़ा है) कहता है, क़ुरआन की शुरुआती सूरह पढ़ता है, रुकू करता है, खड़ा होता है, फिर माथा, नाक, हाथ, घुटने और पैरों की उँगलियाँ ज़मीन पर रखकर सजदा करता है, फिर बैठता है और दाएँ-बाएँ सलाम फेरकर ख़त्म करता है।

विस्तृत जवाब

खड़े होने, रुकू और दो सजदों का एक पूरा चक्र रकअत कहलाता है। फ़ज्र में दो, ज़ुहर में चार, अस्र में चार, मग़रिब में तीन और इशा में चार रकअतें होती हैं। नमाज़ ज़्यादातर चुपचाप और निजी होती है, और अरबी में पढ़ी जाती है, हालाँकि सजदे में इंसान किसी भी भाषा में अपनी दुआ के शब्द जोड़ सकता है।

मर्द और औरतें एक ही तरह नमाज़ पढ़ते हैं, मस्जिद में कंधे से कंधा मिलाकर सफ़ों में खड़े होकर, और इमाम सामने होता है। नमाज़ किसी भी साफ़ जगह पढ़ी जा सकती है: घर पर, काम पर, पार्क में या जानमाज़ पर।

क़ुरआन से

حَٰفِظُوا۟ عَلَى ٱلصَّلَوَٰتِ وَٱلصَّلَوٰةِ ٱلْوُسْطَىٰ وَقُومُوا۟ لِلَّهِ قَٰنِتِينَ ﴿٢٣٨﴾

और (मुसलमानों) तुम तमाम नमाज़ों की और ख़ुसूसन बीच वाली नमाज़ सुबह या ज़ोहर या अस्र की पाबन्दी करो और ख़ास ख़ुदा ही वास्ते नमाज़ में क़ुनूत पढ़ने वाले हो कर खड़े हो फिर अगर तुम ख़ौफ की हालत में हो

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱرْكَعُوا۟ وَٱسْجُدُوا۟ وَٱعْبُدُوا۟ رَبَّكُمْ وَٱفْعَلُوا۟ ٱلْخَيْرَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ۩ ﴿٧٧﴾

और तमाम उमूर की रूजू खुदा ही की तरफ होती है ऐ ईमानवालों रूकू करो और सजदे करो और अपने परवरदिगार की इबादत करो और नेकी करो

कृपया ध्यान दें

यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

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