Muslim Flow का परीक्षण चल रहा है और यह जल्द ही Google Play पर आ रहा है। डाउनलोड

नमाज़, रोज़ा, हज और इबादत

जुमे की नमाज़ (जुमुआ) क्या है?

संक्षिप्त जवाब

जुमा साप्ताहिक सामूहिक नमाज़ का दिन है। मुसलमान मर्दों पर इसमें हाज़िर होना फ़र्ज़ है, और औरतों का स्वागत है। यह ज़ुहर की नमाज़ की जगह लेती है और इसमें इमाम का ख़ुतबा (उपदेश) शामिल होता है।

विस्तृत जवाब

क़ुरआन ईमान वालों से कहता है कि जब जुमे के दिन नमाज़ की अज़ान दी जाए तो अल्लाह के ज़िक्र की ओर दौड़ पड़ो और ख़रीद-फ़रोख़्त छोड़ दो। नमाज़ के बाद वे अपने काम पर लौट सकते हैं। कई देशों में यह वह दिन है जब मुसलमान इकट्ठा होते हैं, अच्छे कपड़े पहनते हैं और पड़ोसियों से मिलते हैं।

ख़ुतबा ईमान, अख़लाक़ और समुदाय की बातों पर होता है, और अक्सर स्थानीय भाषा में दिया जाता है। जुमा सब्त (सैबथ) की तरह आराम का दिन नहीं है: मुसलमान नमाज़ से पहले और बाद में काम कर सकते हैं। ग़ैर-मुस्लिमों का आमतौर पर मस्जिद आने पर स्वागत होता है।

क़ुरआन से

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِذَا نُودِىَ لِلصَّلَوٰةِ مِن يَوْمِ ٱلْجُمُعَةِ فَٱسْعَوْا۟ إِلَىٰ ذِكْرِ ٱللَّهِ وَذَرُوا۟ ٱلْبَيْعَ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌۭ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿٩﴾ فَإِذَا قُضِيَتِ ٱلصَّلَوٰةُ فَٱنتَشِرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ وَٱبْتَغُوا۟ مِن فَضْلِ ٱللَّهِ وَٱذْكُرُوا۟ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا لَّعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ﴿١٠﴾

ऐ ईमानदारों जब जुमा का दिन नमाज़ (जुमा) के लिए अज़ान दी जाए तो ख़ुदा की याद (नमाज़) की तरफ दौड़ पड़ो और (ख़रीद) व फरोख्त छोड़ दो अगर तुम समझते हो तो यही तुम्हारे हक़ में बेहतर है फिर जब नमाज़ हो चुके तो ज़मीन में (जहाँ चाहो) जाओ और ख़ुदा के फज़ल (अपनी रोज़ी) की तलाश करो और ख़ुदा को बहुत याद करते रहो ताकि तुम दिली मुरादें पाओ

कृपया ध्यान दें

यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

WhatsApp