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क़ुरआन और पैग़ंबर

पैग़ंबर मुहम्मद ﷺ कौन थे?

संक्षिप्त जवाब

मुहम्मद ﷺ (लगभग 570–632 ई.) मक्का में पैदा हुए और अल्लाह के आख़िरी नबी हैं। 40 साल की उम्र में उन्हें क़ुरआन की पहली वह्य मिली, और अगले 23 साल उन्होंने लोगों को केवल अल्लाह की इबादत और इंसाफ़ व रहमत के साथ जीने की ओर बुलाने में बिताए।

विस्तृत जवाब

वे यतीम थे, उनकी परवरिश उनके दादा और चाचा ने की, और नबी बनने से बहुत पहले मक्का में वे 'सादिक़' (सच्चे) और 'अमीन' (अमानतदार) के नाम से जाने जाते थे। वे व्यापारी का काम करते थे और उन्होंने ख़दीजा से विवाह किया, जो एक कारोबारी महिला थीं और उन पर सबसे पहले ईमान लाने वाली इंसान थीं।

उनकी क़ौम ने मक्का में तेरह साल तक उन्हें और उनके अनुयायियों को सताया। फिर वे मदीना हिजरत कर गए, जहाँ उन्होंने एक समुदाय बनाया, संधियाँ कीं और मुसलमानों पर हमला होने के बाद उनकी रक्षा की। वफ़ात से पहले वे मक्का लौटे और उन लोगों को माफ़ कर दिया जिन्होंने उनसे जंग की थी। मुसलमान उनसे मोहब्बत करते हैं और उनके आदर्श पर चलते हैं, लेकिन उनकी इबादत नहीं करते: वे एक इंसान थे और अल्लाह के बंदे और रसूल थे।

क़ुरआन से

وَمَآ أَرْسَلْنَٰكَ إِلَّا رَحْمَةًۭ لِّلْعَٰلَمِينَ ﴿١٠٧﴾

और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको सारे दुनिया जहाँन के लोगों के हक़ में अज़सरतापा रहमत बनाकर भेजा

وَإِنَّكَ لَعَلَىٰ خُلُقٍ عَظِيمٍۢ ﴿٤﴾

और बेशक तुम्हारे एख़लाक़ बड़े आला दर्जे के हैं

لَّقَدْ كَانَ لَكُمْ فِى رَسُولِ ٱللَّهِ أُسْوَةٌ حَسَنَةٌۭ لِّمَن كَانَ يَرْجُوا۟ ٱللَّهَ وَٱلْيَوْمَ ٱلْءَاخِرَ وَذَكَرَ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا ﴿٢١﴾

(मुसलमानों) तुम्हारे वास्ते तो खुद रसूल अल्लाह का (ख़न्दक़ में बैठना) एक अच्छा नमूना था (मगर हाँ यह) उस शख्स के वास्ते है जो खुदा और रोजे आखेरत की उम्मीद रखता हो और खुदा की याद बाकसरत करता हो

مَّا كَانَ مُحَمَّدٌ أَبَآ أَحَدٍۢ مِّن رِّجَالِكُمْ وَلَٰكِن رَّسُولَ ٱللَّهِ وَخَاتَمَ ٱلنَّبِيِّۦنَ ۗ وَكَانَ ٱللَّهُ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمًۭا ﴿٤٠﴾

(लोगों) मोहम्मद तुम्हारे मर्दों में से (हक़ीक़तन) किसी के बाप नहीं हैं (फिर जैद की बीवी क्यों हराम होने लगी) बल्कि अल्लाह के रसूल और नबियों की मोहर (यानी ख़त्म करने वाले) हैं और खुदा तो हर चीज़ से खूब वाक़िफ है

कृपया ध्यान दें

यह जवाब मुख्यधारा की सुन्नी समझ का अनुसरण करता है और सामान्य जानकारी है, फ़तवा नहीं। जहाँ मुसलमानों में मतभेद है, जवाब वह बता देता है। क्या आपका अपना कोई सवाल है? हमें लिखें.

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