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هارون

नबी Harun

बाइबिल में Aaron के नाम से जाने जाते हैं

Harun is the brother of Musa, whom Allah made a prophet.

क़िस्सा

A helper from his family

Musa asks Allah to appoint his brother Harun as a helper, to strengthen his back and share his task, and Allah grants his request. Allah says He gave Musa his brother Harun as a prophet, out of His mercy.

Ta-Ha 20:29–36Maryam 19:53

आयतें दिखाएँ (9)

وَٱجْعَل لِّى وَزِيرًۭا مِّنْ أَهْلِى ﴿٢٩﴾

मेरे कीनेवालों में से मेरे भाई हारून

هَٰرُونَ أَخِى ﴿٣٠﴾

को मेरा वज़ीर बोझ बटाने वाला बना दे

ٱشْدُدْ بِهِۦٓ أَزْرِى ﴿٣١﴾

उसके ज़रिए से मेरी पुश्त मज़बूत कर दे

وَأَشْرِكْهُ فِىٓ أَمْرِى ﴿٣٢﴾

और मेरे काम में उसको मेरा शरीक बना

كَىْ نُسَبِّحَكَ كَثِيرًۭا ﴿٣٣﴾

ताकि हम दोनों (मिलकर) कसरत से तेरी तसबीह करें

وَنَذْكُرَكَ كَثِيرًا ﴿٣٤﴾

और कसरत से तेरी याद करें

إِنَّكَ كُنتَ بِنَا بَصِيرًۭا ﴿٣٥﴾

तू तो हमारी हालत देख ही रहा है

قَالَ قَدْ أُوتِيتَ سُؤْلَكَ يَٰمُوسَىٰ ﴿٣٦﴾

फ़रमाया ऐ मूसा तुम्हारी सब दरख्वास्तें मंज़ूर की गई

وَوَهَبْنَا لَهُۥ مِن رَّحْمَتِنَآ أَخَاهُ هَٰرُونَ نَبِيًّۭا ﴿٥٣﴾

और हमने उन्हें अपनी ख़ास मेहरबानी से उनके भाई हारून को (उनका वज़ीर बनाकर) इनायत फ़रमाया

Harun and the calf

Harun had already told the people that they were being tested by the calf, and told them to follow him and obey his order. They said they would keep to it until Musa returned. Harun tells Musa that the people overpowered him and nearly killed him, and Musa prays: “My Lord, forgive me and my brother.”

Ta-Ha 20:90–94Al-A'raf 7:150–151

आयतें दिखाएँ (7)

وَلَقَدْ قَالَ لَهُمْ هَٰرُونُ مِن قَبْلُ يَٰقَوْمِ إِنَّمَا فُتِنتُم بِهِۦ ۖ وَإِنَّ رَبَّكُمُ ٱلرَّحْمَٰنُ فَٱتَّبِعُونِى وَأَطِيعُوٓا۟ أَمْرِى ﴿٩٠﴾

और हारून ने उनसे पहले कहा भी था कि ऐ मेरी क़ौम तुम्हारा सिर्फ़ इसके ज़रिये से इम्तिहान किया जा रहा है और इसमें शक नहीं कि तम्हारा परवरदिगार (बस खुदाए रहमान है) तो तुम मेरी पैरवी करो और मेरा कहा मानो

قَالُوا۟ لَن نَّبْرَحَ عَلَيْهِ عَٰكِفِينَ حَتَّىٰ يَرْجِعَ إِلَيْنَا مُوسَىٰ ﴿٩١﴾

तो वह लोग कहने लगे जब तक मूसा हमारे पास पलट कर न आएँ हम तो बराबर इसकी परसतिश पर डटे बैठे रहेंगे

قَالَ يَٰهَٰرُونُ مَا مَنَعَكَ إِذْ رَأَيْتَهُمْ ضَلُّوٓا۟ ﴿٩٢﴾

मूसा ने हारून की तरफ ख़िताब करके कहा ऐ हारून जब तुमने उनको देख लिया था गमुराह हो गए हैं तो तुम्हें मेरी पैरवी (क़ताल) करने को किसने मना किया

أَلَّا تَتَّبِعَنِ ۖ أَفَعَصَيْتَ أَمْرِى ﴿٩٣﴾

तो क्या तुमने मेरे हुक्म की नाफ़रमानी की

قَالَ يَبْنَؤُمَّ لَا تَأْخُذْ بِلِحْيَتِى وَلَا بِرَأْسِىٓ ۖ إِنِّى خَشِيتُ أَن تَقُولَ فَرَّقْتَ بَيْنَ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ وَلَمْ تَرْقُبْ قَوْلِى ﴿٩٤﴾

हारून ने कहा ऐ मेरे माँजाए (भाई) मेरी दाढ़ी न पकडिऐ और न मेरे सर (के बाल) मैं तो उससे डरा कि (कहीं) आप (वापस आकर) ये (न) कहिए कि तुमने बनी इसराईल में फूट डाल दी और मेरी बात का भी ख्याल न रखा

وَلَمَّا رَجَعَ مُوسَىٰٓ إِلَىٰ قَوْمِهِۦ غَضْبَٰنَ أَسِفًۭا قَالَ بِئْسَمَا خَلَفْتُمُونِى مِنۢ بَعْدِىٓ ۖ أَعَجِلْتُمْ أَمْرَ رَبِّكُمْ ۖ وَأَلْقَى ٱلْأَلْوَاحَ وَأَخَذَ بِرَأْسِ أَخِيهِ يَجُرُّهُۥٓ إِلَيْهِ ۚ قَالَ ٱبْنَ أُمَّ إِنَّ ٱلْقَوْمَ ٱسْتَضْعَفُونِى وَكَادُوا۟ يَقْتُلُونَنِى فَلَا تُشْمِتْ بِىَ ٱلْأَعْدَآءَ وَلَا تَجْعَلْنِى مَعَ ٱلْقَوْمِ ٱلظَّٰلِمِينَ ﴿١٥٠﴾

और जब मूसा पलट कर अपनी क़ौम की तरफ आए तो (ये हालत देखकर) रंज व गुस्से में (अपनी क़ौम से) कहने लगे कि तुम लोगों ने मेरे बाद बहुत बुरी हरकत की-तुम लोग अपने परवरदिगार के हुक्म (मेरे आने में) किस कदर जल्दी कर बैठे और (तौरैत की) तख्तियों को फेंक दिया और अपने भाई (हारून) के सर (के बालों को पकड़ कर अपनी तर फ खींचने लगे) उस पर हारून ने कहा ऐ मेरे मांजाए (भाई) मै क्या करता क़ौम ने मुझे हक़ीर समझा और (मेरा कहना न माना) बल्कि क़रीब था कि मुझे मार डाले तो मुझ पर दुश्मनों को न हॅसवाइए और मुझे उन ज़ालिम लोगों के साथ न करार दीजिए

قَالَ رَبِّ ٱغْفِرْ لِى وَلِأَخِى وَأَدْخِلْنَا فِى رَحْمَتِكَ ۖ وَأَنتَ أَرْحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ ﴿١٥١﴾

तब) मूसा ने कहा ऐ मेरे परवरदिगार मुझे और मेरे भाई को बख्श दे और हमें अपनी रहमत में दाख़िल कर और तू सबसे बढ़के रहम करने वाला है

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi।

यह क़िस्सा केवल क़ुरआन से लिया गया है। दूसरी किताबों की तफ़सीलें नहीं जोड़ी गईं।

Questions about the prophets

Who was Prophet Harun?

Harun is the brother of Musa, whom Allah made a prophet.

Where is the story of Harun in the Quran?

It is in Ta-Ha 20:29–36, Maryam 19:53, Ta-Ha 20:90–94, Al-A'raf 7:150–151. This page shows these verses in Arabic and in your language.

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