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क़ुरआन की 110वीं सूरत

सूरह An-Nasr

मदनी 3 आयतें पारा 30

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ ﴿١﴾

ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी

وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًۭا ﴿٢﴾

और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا ﴿٣﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है

An-Nasr 3 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह An-Nasr के बारे में

सूरह An-Nasr (النصر) क़ुरआन की 110वीं सूरत है। इसमें 3 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मदनी सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत के बाद उतरी।

इसका नाम, النصر, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह An-Nasr के बारे में प्रश्न

सूरह An-Nasr में कितनी आयतें हैं?

सूरह An-Nasr में 3 आयतें हैं।

सूरह An-Nasr मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मदनी।

सूरह An-Nasr किस पारे में है?

सूरह An-Nasr पारा 30 में है।

मैं सूरह An-Nasr कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।

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