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क़ुरआन की 113वीं सूरत

सूरह Al-Falaq

मक्की 5 आयतें पारा 30

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की

مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾

हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ

وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣﴾

और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए

وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ ﴿٤﴾

और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾

(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से

Al-Falaq 5 में से आयत 1

अरबी पाठ: उस्मानी लिपि। अनुवाद: Suhel Farooq Khan and Saifur Rahman Nadwi। ऑडियो: everyayah.com।

सूरह Al-Falaq के बारे में

सूरह Al-Falaq (الفلق) क़ुरआन की 113वीं सूरत है। इसमें 5 आयतें हैं और यह पारा 30 में है। इसे मक्की सूरत माना जाता है, यानी यह मुख्यतः नबी ﷺ की मदीना हिजरत से पहले उतरी।

इसका नाम, الفلق, अरबी में इस सूरत की पहचान है।

सूरह Al-Falaq के बारे में प्रश्न

सूरह Al-Falaq में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-Falaq में 5 आयतें हैं।

सूरह Al-Falaq मक्की है या मदनी?

वर्गीकरण: मक्की।

सूरह Al-Falaq किस पारे में है?

सूरह Al-Falaq पारा 30 में है।

मैं सूरह Al-Falaq कहाँ सुन सकता हूँ?

इसे आयत-दर-आयत सुनने के लिए इस पन्ने पर प्ले दबाएँ, क़ारी: मिशारी अल-अफ़ासी, महमूद ख़लील अल-हुसरी, अब्दुल बासित अब्दुस-समद, अब्दुर्रहमान अस-सुदैस, माहिर अल-मुऐक़िली, साद अल-ग़ामिदी, अहमद अल-अजमी, अबू बक्र अश-शातरी, हानी अर-रिफ़ाई, मुहम्मद सिद्दीक़ अल-मिंशावी, अली अल-हुज़ैफ़ी, मुहम्मद अय्यूब, अब्दुल्लाह बसफ़र, यासिर अद-दौसरी, नासिर अल-क़तामी, सलाह अल-बुदैर, सऊद अश-शुरैम, अब्दुल्लाह अवाद अल-जुहनी, मुहम्मद जिब्रील।

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